KAULBHASKAR Guru Ji is in Patna. Available on What's App

BLOG

All the posts here are writings of Sri Kaulbhaskar Guru Ji

श्रीमद्-गुरु-कवचम् (ब्रह्म-यामले)

श्रीमद्-गुरु-कवचम् (ब्रह्म-यामले)

ब्रह्म-यामल में वर्णित यह गुरु-कवच साधक को त्रैलोक्यविजयी बनाता और मन्त्र-सिद्धि प्रदान करता है।

|by KAULBHASKAR GURU JI
FEMALE BORN IN ASHVINI NAKSHATRA

FEMALE BORN IN ASHVINI NAKSHATRA

Physical Features, Character and other results of female born in ASHVINI NAKSHATRA

|by KAULBHASKAR GURU JI
MALE BORN IN ASHVINI NAKSHATRA

MALE BORN IN ASHVINI NAKSHATRA

Physical Features, Character and other results of male born in ASHVINI NAKSHATRA

|by KAULBHASKAR GURU JI
परम गोपनीय व सर्वश्रेष्ठ कौल-धर्म

परम गोपनीय व सर्वश्रेष्ठ कौल-धर्म

शास्त्रों में कौल-धर्म की सर्वश्रेष्ठता

|by KAULBHASKAR GURU JI
श्रीविद्या के बाह्य पूजा के अधिकारी

श्रीविद्या के बाह्य पूजा के अधिकारी

महामहाभट्टारिका महाकामेश्वराङ्कनिलया श्रीमहात्रिपुरसुन्दरी श्रीविद्या के बाह्य पूजा के अधिकारी वही हैं जो आन्तर पूजा में समर्थ हैं। आन्तर पूजा से जाग्रत किया आत्मतेज.....।

|by KAULBHASKAR GURU JI
श्रीबाला-सहस्राक्षरी स्तोत्रम्

श्रीबाला-सहस्राक्षरी स्तोत्रम्

श्रीबालात्रिपुरसुन्दरी का यह सहस्राक्षरी स्तोत्र समस्त अरिष्टों का नाश करने में अतिप्रभावी है

|by KAULBHASKAR GURU JI
पुजा पाठ में असफलता क्यों ?

पुजा पाठ में असफलता क्यों ?

पुजा पाठ में असफलता के विविध कारणों का विवेचन

|by KAULBHASKAR GURU JI
षट्-पञ्चाशिका in Horary Astrology

षट्-पञ्चाशिका in Horary Astrology

प्रश्न ज्योतिष-षट्-पञ्चाशिका के सूत्र का अवलोकन

|by KAULBHASKAR GURU JI
ऊर्ध्वाम्नायोक्त सिद्ध वीरौघ-गुरु-कवच

ऊर्ध्वाम्नायोक्त सिद्ध वीरौघ-गुरु-कवच

ऊर्ध्वाम्नायोक्त औघ-त्रय अंतर्गत वीरौघ-गुरु का यह कवच काफी चमत्कारी है।

|by KAULBHASKAR GURU JI
PreviousPage 3 of 8Next