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All the posts here are writings of Sri Kaulbhaskar Guru Ji

SRI VIDYA - A Sacred Tradition
A brief introduction about sacred tradition of Sri Vidya in ancient wisdom of India
|by KAULBHASKAR GURU JI

अघोर दिग्बन्धन मन्त्र
अघोर-साधन या श्मशानादि में उग्र-वीर साधन करते समय दिग्बन्धन की विधि
|by KAULBHASKAR GURU JI

निगम एवं आगम विचारश्रोतों की धारायें
निगम एवं आगम विचारश्रोतों की धारायें मुख्य रूप से तीन हैं- १.कर्म काण्ड २.ज्ञान काण्ड ३.उपासना काण्ड..... ।
|by KAULBHASKAR GURU JI

क्या ब्रह्मा सृष्टि,विष्णु पालन, रूद्र संहार कर सकते हैं?
ब्रह्मा का सृष्टि, विष्णु का पालन, और रूद्र के संहार कृत्य का रहस्य
|by KAULBHASKAR GURU JI

सामान्यार्घ्य और कारण-कलश स्थापन
तन्त्र के रहस्यात्मक पूजन चक्रार्चन में सामान्यार्घ्य और कारण-कलश स्थापन की विधि
|by KAULBHASKAR GURU JI

श्री भैरव पञ्जर कवचम्
भैरव का यह कवच आयु, आरोग्य, ऐश्वर्य, कीर्ति, जय, लाभ और सुख प्रदान करने में बहुत लाभकारी है
|by KAULBHASKAR GURU JI


